𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐢𝐬 𝐠𝐞𝐚𝐫𝐢𝐧𝐠 𝐮𝐩 𝐟𝐨𝐫 𝐚𝐧𝐨𝐭𝐡𝐞𝐫 𝐠𝐢𝐚𝐧𝐭 𝐥𝐞𝐚𝐩! 🌕🚀

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𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐢𝐬 𝐠𝐞𝐚𝐫𝐢𝐧𝐠 𝐮𝐩 𝐟𝐨𝐫 𝐚𝐧𝐨𝐭𝐡𝐞𝐫 𝐠𝐢𝐚𝐧𝐭 𝐥𝐞𝐚𝐩! 🌕🚀

Chandrayaan 4, officially set for 2028, will be ISRO’s most ambitious mission yet as India aims to bring Moon samples back to Earth for the first time. Add to that the big push for space manufacturing, rising private players and the upcoming LUPEX mission to the lunar south pole… and it’s clear that India’s space journey is only getting started.

𝐓𝐡𝐞 𝐨𝐝𝐲𝐬𝐬𝐞𝐲 𝐜𝐨𝐧𝐭𝐢𝐧𝐮𝐞𝐬 𝐚𝐧𝐝 𝐭𝐡𝐞 𝐬𝐤𝐲 𝐢𝐬 𝐧𝐨 𝐥𝐨𝐧𝐠𝐞𝐫 𝐭𝐡𝐞 𝐥𝐢𝐦𝐢𝐭! 🇮🇳

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भोपाल। भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के ऊपर ही नहीं, बल्कि जमीन के नीचे इतिहास रचने जा रही है। ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए देश की सबसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) भोपाल पहुंच चुकी हैं । मध्य प्रदेश में पहली बार 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड मेट्रो टनल बनाई जाएगी, जो पुल पातारा से लेकर बड़ा बाग सिंधी कालोनी तक फैलेगी। इस ट्विन टनल के जरिए मेट्रो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। करीब 65 फीट गहराई में बनने वाली यह टनल शहर के ट्रैफिक और विरासत को बिना प्रभावित किए आधुनिक परिवहन की नई राह खोलेगी । मार्च 2026 से टीबीएम मशीनों से खोदाई का काम शुरू होगा। अंडर ग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से करोंद की तरफ आ रही मेट्रो लाइन जुड़ेगी। आरेंज लाइन के अंडरग्राउंड कॉरिडोर को बनाने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने टीबीएम मशीन को बेंगलुरू से खरीदा है। एक मशीन की गोलाई 5.8 मीटर है। एक मशीन एक दिन में औसत 15 मीटर तक खोदाई करेगी।

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भोपाल। भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के ऊपर ही नहीं, बल्कि जमीन के नीचे इतिहास रचने जा रही है। ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए देश की सबसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) भोपाल पहुंच चुकी हैं । मध्य प्रदेश में पहली बार 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड मेट्रो टनल बनाई जाएगी, जो पुल पातारा से लेकर बड़ा बाग सिंधी कालोनी तक फैलेगी। इस ट्विन टनल के जरिए मेट्रो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। करीब 65 फीट गहराई में बनने वाली यह टनल शहर के ट्रैफिक और विरासत को बिना प्रभावित किए आधुनिक परिवहन की नई राह खोलेगी । मार्च 2026 से टीबीएम मशीनों से खोदाई का काम शुरू होगा। अंडर ग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से करोंद की तरफ आ रही मेट्रो लाइन जुड़ेगी। आरेंज लाइन के अंडरग्राउंड कॉरिडोर को बनाने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने टीबीएम मशीन को बेंगलुरू से खरीदा है। एक मशीन की गोलाई 5.8 मीटर है। एक मशीन एक दिन में औसत 15 मीटर तक खोदाई करेगी।