हम चैत्र नवरात्रि इसलिए मनाते हैं क्योंकि यह देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का पर्व है, जो वसंत ऋतु में आता है और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है.

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हम चैत्र नवरात्रि इसलिए मनाते हैं क्योंकि यह देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का पर्व है, जो वसंत ऋतु में आता है और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है.

चैत्र नवरात्रि मनाने के कुछ मुख्य कारण:

देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना:

चैत्र नवरात्रि में, हम देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं, जिनमें से प्रत्येक का अपना विशेष अर्थ और महत्व होता है.

वसंत ऋतु का आगमन:

चैत्र नवरात्रि वसंत ऋतु में आती है, जो प्रकृति में नई शुरुआत और नवजीवन का प्रतीक है.

बुराई पर अच्छाई की जीत:

नवरात्रि की पौराणिक कथा के अनुसार, यह देवी दुर्गा और राक्षस महिषासुर के बीच हुए युद्ध का प्रतीक है, जिसमें देवी दुर्गा ने महिषासुर को पराजित कर बुराई पर अच्छाई की जीत हासिल की.

मातृशक्ति का सम्मान:

यह पर्व हमें मातृशक्ति की उपासना तथा सम्मान की प्रेरणा देता है, जो समाज में नारी के महत्व को प्रदर्शित करता है.

राम नवमी:

चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन राम नवमी मनाई जाती है, जो भगवान राम के जन्म का प्रतीक है.

हिन्दू नववर्ष की शुरुआत:

चैत्र नवरात्रि के साथ ही हिन्दू नववर्ष की शुरुआत होती है.

सृष्टि की रचना:

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र नवरात्रि के दौरान ही सृष्टि की रचना का कार्य शुरू हुआ था.*

चैत्र नवरात्रि की कुछ महत्वपूर्ण बातें:

चैत्र नवरात्रि में, लोग देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं.

इस दौरान अखंड ज्योति (घी का दीपक) जलाने की भी परंपरा है.

चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन राम नवमी मनाई जाती है. यह पर्व हिंदू नववर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक है. चैत्र नवरात्रि में, लोग देवी से प्रार्थना करते हैं कि वे उन्हें सुख, समृद्धि और सफलता प्रदान करें.

इन नौ रूपों के नाम हैं:* शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री.

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भोपाल। भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के ऊपर ही नहीं, बल्कि जमीन के नीचे इतिहास रचने जा रही है। ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए देश की सबसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) भोपाल पहुंच चुकी हैं । मध्य प्रदेश में पहली बार 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड मेट्रो टनल बनाई जाएगी, जो पुल पातारा से लेकर बड़ा बाग सिंधी कालोनी तक फैलेगी। इस ट्विन टनल के जरिए मेट्रो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। करीब 65 फीट गहराई में बनने वाली यह टनल शहर के ट्रैफिक और विरासत को बिना प्रभावित किए आधुनिक परिवहन की नई राह खोलेगी । मार्च 2026 से टीबीएम मशीनों से खोदाई का काम शुरू होगा। अंडर ग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से करोंद की तरफ आ रही मेट्रो लाइन जुड़ेगी। आरेंज लाइन के अंडरग्राउंड कॉरिडोर को बनाने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने टीबीएम मशीन को बेंगलुरू से खरीदा है। एक मशीन की गोलाई 5.8 मीटर है। एक मशीन एक दिन में औसत 15 मीटर तक खोदाई करेगी।

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