महाराष्ट्र में 50% से ज्यादा आरक्षण देने पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है। CJI सूर्यकांत की पीठ ने साफ कर दिया है

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महाराष्ट्र में 50% से ज्यादा आरक्षण देने पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है। CJI सूर्यकांत की पीठ ने साफ कर दिया है कि जहां आरक्षण सीमा टूटी है, वहां के चुनावी नतीजे कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेंगे। यानी जीतने के बाद भी उम्मीदवारों का चुनाव रद्द हो सकता है।⚖️ 

क्या वोट बैंक के लिए राजनीतिक दलों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के नियमों (50% कैप) की अनदेखी करना सही है?*

रिएक्शन दीजिए*👇🏻

⚖️ सुप्रीम कोर्ट का डंडा जरूरी था

🗳️ यह सब वोट बैंक की राजनीति

🇮🇳 अधिक आरक्षण देश के लिए सही नहीं 

🤞 आरक्षण की सीमा 50% से ज़्यादा हो

1 thought on “महाराष्ट्र में 50% से ज्यादा आरक्षण देने पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है। CJI सूर्यकांत की पीठ ने साफ कर दिया है”

  1. महाराष्ट्र में 50% से ज्यादा आरक्षण देने पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है। CJI सूर्यकांत की पीठ ने साफ कर दिया है

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भोपाल। भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के ऊपर ही नहीं, बल्कि जमीन के नीचे इतिहास रचने जा रही है। ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए देश की सबसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) भोपाल पहुंच चुकी हैं । मध्य प्रदेश में पहली बार 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड मेट्रो टनल बनाई जाएगी, जो पुल पातारा से लेकर बड़ा बाग सिंधी कालोनी तक फैलेगी। इस ट्विन टनल के जरिए मेट्रो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। करीब 65 फीट गहराई में बनने वाली यह टनल शहर के ट्रैफिक और विरासत को बिना प्रभावित किए आधुनिक परिवहन की नई राह खोलेगी । मार्च 2026 से टीबीएम मशीनों से खोदाई का काम शुरू होगा। अंडर ग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से करोंद की तरफ आ रही मेट्रो लाइन जुड़ेगी। आरेंज लाइन के अंडरग्राउंड कॉरिडोर को बनाने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने टीबीएम मशीन को बेंगलुरू से खरीदा है। एक मशीन की गोलाई 5.8 मीटर है। एक मशीन एक दिन में औसत 15 मीटर तक खोदाई करेगी।

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भोपाल। भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के ऊपर ही नहीं, बल्कि जमीन के नीचे इतिहास रचने जा रही है। ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए देश की सबसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) भोपाल पहुंच चुकी हैं । मध्य प्रदेश में पहली बार 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड मेट्रो टनल बनाई जाएगी, जो पुल पातारा से लेकर बड़ा बाग सिंधी कालोनी तक फैलेगी। इस ट्विन टनल के जरिए मेट्रो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। करीब 65 फीट गहराई में बनने वाली यह टनल शहर के ट्रैफिक और विरासत को बिना प्रभावित किए आधुनिक परिवहन की नई राह खोलेगी । मार्च 2026 से टीबीएम मशीनों से खोदाई का काम शुरू होगा। अंडर ग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से करोंद की तरफ आ रही मेट्रो लाइन जुड़ेगी। आरेंज लाइन के अंडरग्राउंड कॉरिडोर को बनाने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने टीबीएम मशीन को बेंगलुरू से खरीदा है। एक मशीन की गोलाई 5.8 मीटर है। एक मशीन एक दिन में औसत 15 मीटर तक खोदाई करेगी।