
प्रेम, उल्लास और उत्साह के रंग, भगोरिया के संग…
जनजातीय संस्कृति और आधुनिकता का संगम ‘भगोरिया हाट’ दुनिया में प्रसिद्ध है,
आज बड़वानी के पानसेमल की धरा पर मैं भी उत्साह, आनंद और उल्लास के रंगों का साक्षी बना।
भगोरिया उत्सव में लोक संगीत की धुन, थिरकते युवा, उड़ता गुलाल और इसी बीच मेरे जनजातीय भाई-बहनों के अतुलनीय प्रेम ने इस उत्सव को और भी विशेष बना दिया है। जीवन में यह जीवंतता बनी रहे; यही शुभकामनाएं हैं।


