मैं #नर्मदा हूं…!! 🙏 जब #गंगा नहीं थी, तब भी मैं थी। जब #हिमालय नहीं था, तभी भी मै थी।
मैं #नर्मदा हूं…!! 🙏 जब #गंगा नहीं थी, तब भी मैं थी। जब #हिमालय नहीं था, तभी भी मै थी। मेरे किनारों पर #नागर_सभ्यता का विकास नहीं हुआ। मेरे दोनों किनारों पर तो #दंडकारण्य के घने जंगलों की भरमार थी। उन दिनों मेरे तट पर #उत्तरापथ समाप्त होता था और #दक्षिणापथ शुरू होता था। मेरे … Read more