खरमास के दौरान करें इन खास मंत्रों का जाप, सूर्य की तरह चमकेगा भाग्य, पूरे होंगे सभी काम! Kharmas 2025: हिंदू धर्म में खरमास की अवधि अशुभ मानी गई है. भगवान सूर्य का जब गुरू बृहस्पति की राशि धनु या मीन राशि में प्रवेश होता है, तो खरमास लगता है. साल 2025 के पहला खरमास 14 मार्च से लगने जा रहा है. खरमास के दौरान शुभ या मांगलिक काम नहीं किए जाते. ऐसे में इस दौरान पूजा-पाठ और मंत्रों का जाप करना विषेश फलदायी रहता है. Kharmas Mantra 2025: खरमास के दौरान करें इन खास मंत्रों का जाप, सूर्य की तरह चमकेगा भाग्य, पूरे होंगे सभी काम! हिंदू धर्म में खरमास बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. खरमास एक महीने की अशुभ अवधि मानी जाती है. साल में दो बार खरमास की अवधि आती है. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि भगवान सूर्य के गुरू बृहस्पति की राशि धनु या मीन में प्रवेश करने के बाद खरमास की शुरुआत होती है. खरमास के दौरान शादी-विवाह, सगाई से लेकर गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन समेत शुभ और मांगलिक काम वर्जित किए गए हैं. खरमास में करनी चाहिए भगवान सूर्य की पूजा हालांकि खरमास के दौरान पूजा-पाठ करने में कोई रोक नहीं है. खरमास के दौरान भगवान सूर्य की पूजा-उपासना करना विशेष लाभदायी माना गया है. ज्योतिषियों की मानें तो जो भी खरमास के दौरान भगवान सूर्य की पूजा करता है उसको भगवान से आरोग्य जीवन का वरदान प्राप्त होता है. भगवान सूर्य की पूजा के दौरान उनके इन मंत्रों का जाप करने से भाग्य चमक जाता है. करियर में सफलता प्राप्त होती है. साथ ही बिगड़े काम बन जाते हैं. 14 मार्च से होगी खरमास की शुरुआत अभी फिलहाल भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि देव की राशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं. भगावन सूर्य इस महाने 14 मार्च को शनि देव की राशि से नकलेंगे और गुरू बृस्पति की राशि मीन में उनका प्रवेश होगा. 14 मार्च को भगवान सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने पर मीन संक्रांति मनाई जाएगी. साथ ही भगवान सूर्य के मीन में प्रवेश करने के बाद खरमास भी लग जाएगा. ये खरमास 14 अप्रैल को भगवान सूर्य के मीन से मेष राशि में जाने के बाद समाप्त हो जाएगा.
खरमास के दौरान करें इन खास मंत्रों का जाप, सूर्य की तरह चमकेगा भाग्य, पूरे होंगे सभी काम! Kharmas 2025: हिंदू धर्म में खरमास की अवधि अशुभ मानी गई है. भगवान सूर्य का जब गुरू बृहस्पति की राशि धनु या मीन राशि में प्रवेश होता है, तो खरमास लगता है. साल 2025 के पहला खरमास … Read more