Bharat is set to become the world’s third-largest economy by 2028.

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

Bharat is set to become the world’s third-largest economy by 2028* ,

overtaking Germany, according to a report by global financial services firm Morgan Stanley. This extraordinary ascent is not by chance, it is the result of years of visionary leadership and bold economic reforms. 📈

 

When Prime Minister Narendra Modi took charge, he set a course for transformation.

 

Initiatives like ‘Make in India’ and ‘Digital India’ ignited a wave of industrial innovation, turning villages into manufacturing hubs and cities into thriving economic centres. Infrastructure projects reshaped landscapes, digital revolutions connected millions, and landmark reforms attracted global investment.

 

The world has taken notice to this unprecedented transformation amidst an unstable global economy. Bharat’s rise is not just about numbers, it’s about the aspirations of 1.4 billion people coming to life. A young, ambitious workforce is driving progress, and every milestone is a testament to the nation’s relentless spirit.

[the_ad_group id="227"]
[democracy id="1"]

भोपाल। भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के ऊपर ही नहीं, बल्कि जमीन के नीचे इतिहास रचने जा रही है। ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए देश की सबसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) भोपाल पहुंच चुकी हैं । मध्य प्रदेश में पहली बार 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड मेट्रो टनल बनाई जाएगी, जो पुल पातारा से लेकर बड़ा बाग सिंधी कालोनी तक फैलेगी। इस ट्विन टनल के जरिए मेट्रो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। करीब 65 फीट गहराई में बनने वाली यह टनल शहर के ट्रैफिक और विरासत को बिना प्रभावित किए आधुनिक परिवहन की नई राह खोलेगी । मार्च 2026 से टीबीएम मशीनों से खोदाई का काम शुरू होगा। अंडर ग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से करोंद की तरफ आ रही मेट्रो लाइन जुड़ेगी। आरेंज लाइन के अंडरग्राउंड कॉरिडोर को बनाने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने टीबीएम मशीन को बेंगलुरू से खरीदा है। एक मशीन की गोलाई 5.8 मीटर है। एक मशीन एक दिन में औसत 15 मीटर तक खोदाई करेगी।

[the_ad id='14896']

भोपाल। भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के ऊपर ही नहीं, बल्कि जमीन के नीचे इतिहास रचने जा रही है। ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए देश की सबसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) भोपाल पहुंच चुकी हैं । मध्य प्रदेश में पहली बार 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड मेट्रो टनल बनाई जाएगी, जो पुल पातारा से लेकर बड़ा बाग सिंधी कालोनी तक फैलेगी। इस ट्विन टनल के जरिए मेट्रो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। करीब 65 फीट गहराई में बनने वाली यह टनल शहर के ट्रैफिक और विरासत को बिना प्रभावित किए आधुनिक परिवहन की नई राह खोलेगी । मार्च 2026 से टीबीएम मशीनों से खोदाई का काम शुरू होगा। अंडर ग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से करोंद की तरफ आ रही मेट्रो लाइन जुड़ेगी। आरेंज लाइन के अंडरग्राउंड कॉरिडोर को बनाने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने टीबीएम मशीन को बेंगलुरू से खरीदा है। एक मशीन की गोलाई 5.8 मीटर है। एक मशीन एक दिन में औसत 15 मीटर तक खोदाई करेगी।