हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया एक महत्वपूर्ण पर्व है.

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया एक महत्वपूर्ण पर्व है. यह वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है और इसे शुभ कार्यों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं इस साल अक्षय तृतीया की तिथि क्या है.

Akshaya Tritiya 2025 : 29 या 30 अप्रैल, इस बार कब है अक्षय तृतीया? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि
Akshaya Tritiya 2025 : हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है. इसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन सोना खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है. मान्यता के अनुसार, अक्षय तृतीया पर जो दान, धर्म, स्नान, जप, हवन किया जाता है, उसका पुण्य कभी समाप्त नहीं होता है. अक्षय तृतीया को बहुत ही शुभ दिन माना जाता है. इस दिन कोई भी शुभ कार्य जैसे कि शादी, गृह प्रवेश, या नया व्यवसाय शुरू करना बहुत फलदायी होता है. ऐसा माना जाता है की इस दिन सोना खरीदने से घर परिवार में सुख, समृद्धि आती है और धन वैभव की प्राप्ति होती है. अक्षय तृतीया के दिन दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है.

अक्षय तृतीया कब है?
दरअसल, हर साल अक्षय तृतीया वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाई जाती है. पंचांग के अनुसार, इस साल वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 29 अप्रैल को शाम 5 बजकर 29 मिनट पर होगी. ये तिथि 30 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट पर खत्म हो जाएगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 30 अप्रैल 2025 को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी.

अक्षय तृतीया की पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 7 मिनट से दोपहर 12 बजकर 37 मिनट तक रहेगा.

[the_ad_group id="227"]
[democracy id="1"]

भोपाल। भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के ऊपर ही नहीं, बल्कि जमीन के नीचे इतिहास रचने जा रही है। ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए देश की सबसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) भोपाल पहुंच चुकी हैं । मध्य प्रदेश में पहली बार 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड मेट्रो टनल बनाई जाएगी, जो पुल पातारा से लेकर बड़ा बाग सिंधी कालोनी तक फैलेगी। इस ट्विन टनल के जरिए मेट्रो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। करीब 65 फीट गहराई में बनने वाली यह टनल शहर के ट्रैफिक और विरासत को बिना प्रभावित किए आधुनिक परिवहन की नई राह खोलेगी । मार्च 2026 से टीबीएम मशीनों से खोदाई का काम शुरू होगा। अंडर ग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से करोंद की तरफ आ रही मेट्रो लाइन जुड़ेगी। आरेंज लाइन के अंडरग्राउंड कॉरिडोर को बनाने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने टीबीएम मशीन को बेंगलुरू से खरीदा है। एक मशीन की गोलाई 5.8 मीटर है। एक मशीन एक दिन में औसत 15 मीटर तक खोदाई करेगी।

[the_ad id='14896']

भोपाल। भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के ऊपर ही नहीं, बल्कि जमीन के नीचे इतिहास रचने जा रही है। ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए देश की सबसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) भोपाल पहुंच चुकी हैं । मध्य प्रदेश में पहली बार 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड मेट्रो टनल बनाई जाएगी, जो पुल पातारा से लेकर बड़ा बाग सिंधी कालोनी तक फैलेगी। इस ट्विन टनल के जरिए मेट्रो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। करीब 65 फीट गहराई में बनने वाली यह टनल शहर के ट्रैफिक और विरासत को बिना प्रभावित किए आधुनिक परिवहन की नई राह खोलेगी । मार्च 2026 से टीबीएम मशीनों से खोदाई का काम शुरू होगा। अंडर ग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से करोंद की तरफ आ रही मेट्रो लाइन जुड़ेगी। आरेंज लाइन के अंडरग्राउंड कॉरिडोर को बनाने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने टीबीएम मशीन को बेंगलुरू से खरीदा है। एक मशीन की गोलाई 5.8 मीटर है। एक मशीन एक दिन में औसत 15 मीटर तक खोदाई करेगी।