अयोध्या एक दिव्य और ऐतिहासिक क्षण की प्रतीक्षा में है। श्रद्धा, भक्ति और आत्मिक गौरव से भरा यह पावन अवसर हृदय को भाव-विभोर कर देने वाला होगा।

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

 

जय श्रीराम 🚩*

अयोध्या एक दिव्य और ऐतिहासिक क्षण की प्रतीक्षा में है।

श्रद्धा, भक्ति और आत्मिक गौरव से भरा यह पावन अवसर हृदय को भाव-विभोर कर देने वाला होगा।

25 नवंबर 2025, विवाह पंचमी के शुभ पर्व पर, अयोध्या की पावन राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की पूर्णता का आलोक फैलेगा,
और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की चरण वंदना करते हुए लाखों भक्तों की आस्था का प्रतीक स्वरूप ध्वजारोहण संपन्न होगा।

इस दिव्य उत्सव के साक्षी बनने का सौभाग्य लाखों श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।

जहां भक्ति उमड़ेगी, आस्था बहेगी और अयोध्या एक बार फिर दिव्य चेतना से आलोकित होगी।

[the_ad_group id="227"]
[democracy id="1"]

भोपाल। भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के ऊपर ही नहीं, बल्कि जमीन के नीचे इतिहास रचने जा रही है। ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए देश की सबसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) भोपाल पहुंच चुकी हैं । मध्य प्रदेश में पहली बार 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड मेट्रो टनल बनाई जाएगी, जो पुल पातारा से लेकर बड़ा बाग सिंधी कालोनी तक फैलेगी। इस ट्विन टनल के जरिए मेट्रो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। करीब 65 फीट गहराई में बनने वाली यह टनल शहर के ट्रैफिक और विरासत को बिना प्रभावित किए आधुनिक परिवहन की नई राह खोलेगी । मार्च 2026 से टीबीएम मशीनों से खोदाई का काम शुरू होगा। अंडर ग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से करोंद की तरफ आ रही मेट्रो लाइन जुड़ेगी। आरेंज लाइन के अंडरग्राउंड कॉरिडोर को बनाने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने टीबीएम मशीन को बेंगलुरू से खरीदा है। एक मशीन की गोलाई 5.8 मीटर है। एक मशीन एक दिन में औसत 15 मीटर तक खोदाई करेगी।

[the_ad id='14896']

भोपाल। भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के ऊपर ही नहीं, बल्कि जमीन के नीचे इतिहास रचने जा रही है। ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए देश की सबसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) भोपाल पहुंच चुकी हैं । मध्य प्रदेश में पहली बार 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड मेट्रो टनल बनाई जाएगी, जो पुल पातारा से लेकर बड़ा बाग सिंधी कालोनी तक फैलेगी। इस ट्विन टनल के जरिए मेट्रो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। करीब 65 फीट गहराई में बनने वाली यह टनल शहर के ट्रैफिक और विरासत को बिना प्रभावित किए आधुनिक परिवहन की नई राह खोलेगी । मार्च 2026 से टीबीएम मशीनों से खोदाई का काम शुरू होगा। अंडर ग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से करोंद की तरफ आ रही मेट्रो लाइन जुड़ेगी। आरेंज लाइन के अंडरग्राउंड कॉरिडोर को बनाने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने टीबीएम मशीन को बेंगलुरू से खरीदा है। एक मशीन की गोलाई 5.8 मीटर है। एक मशीन एक दिन में औसत 15 मीटर तक खोदाई करेगी।