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Chandi Ke Paye Par Shani: हिंदू धर्म में शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय का देवता कहा गया है.

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को सबसे क्रूर ग्रह माना जाता है. शनि देव एक राशि में ढाई साल रहते हैं. शनि देव सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं. अभी शनि देव अपनी स्वराशि कुंभ में विराजमान हैं. ज्योतिष शास्त्र के लिहाज से 29 मार्च का दिन बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है. इस दिन शनि देव का राशि परिवर्तन होगा.

मीन राशि में जाएंगे शनि देव

शनि देव 29 मार्च को राशि परिवर्तन कर कुंभ से राशि चक्र की आखिरी और गुरु बृहस्पति के स्वामित्व वाली राशि मीन में जाएंगे. शनि देव सोना, चांदी, तांबा और लोहे के पाए में गोचर करेंगे. शनि देव मीन राशि में प्रवेश के साथ ही इन तीन राशि वालों की कुंडली में चांदी के पाए में चलेंगे. शनि के देव चांदी का पाया धारण चलने से इन राशि वालों की तकदीर बदल सकती है. इनको करियर-कारोबार में खूब लाभ हो सकता है.

वृष राशि

वृष राशि के जातकों के लिए शनि देव द्वारा चांदी का पाया धारण करना बहुत लाभकारी सिद्ध हो सकता है. इस दौरान वृष राशि के जातकों को आर्थिक लाभ हो सकता है. फंसा हुआ धन मिल सकता है. आय में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. निवेश से लाभ हो सकता है. नौकरीपेशा जातकों को लाभ हो सकता है. कारोबार में भी लाभ की पूरी संभावना है.

 

कन्या राशि

शनि देव द्वारा चांदी का पाया धारण करना कन्या राशि के जातकों के लिए शुभ सिद्ध हो सकता है. इस दौरान कन्या राशि के जातकों को धन लाभ के अवसर प्राप्त हो सकते हैं. नौकरीपेशा जातकों की अच्छी आय हो सकती है. सैलरी बढ़ सकती है. प्रमोशन मिल सकता है. व्यापारियों को व्यपार में अच्छा लाभ मिल सकता है. मान-सम्मान मिल सकता है. इस दौरान वैवाहिक जीवन सुखमय रहने वाला है.

मीन राशि शनि देव कुंभ से मीन राशि में ही प्रवेश करेंगे. ऐसे में शनि देव द्वारा चांदी का पाया धारण करना मीन राशि के जातकों के लिए बहुत अनुकूल साबित हो सकता है. इस दौरान मीन राशि वालों के रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. आर्थिक स्थिति अच्छी रहने वाली है. नौकरी में प्रमोशन और कारोबार में नए मौके मिल सकते हैं. इस दौरान मीन राशि वाले धन की बचत करने में सफल हो सकते हैं.

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भोपाल। भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के ऊपर ही नहीं, बल्कि जमीन के नीचे इतिहास रचने जा रही है। ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए देश की सबसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) भोपाल पहुंच चुकी हैं । मध्य प्रदेश में पहली बार 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड मेट्रो टनल बनाई जाएगी, जो पुल पातारा से लेकर बड़ा बाग सिंधी कालोनी तक फैलेगी। इस ट्विन टनल के जरिए मेट्रो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। करीब 65 फीट गहराई में बनने वाली यह टनल शहर के ट्रैफिक और विरासत को बिना प्रभावित किए आधुनिक परिवहन की नई राह खोलेगी । मार्च 2026 से टीबीएम मशीनों से खोदाई का काम शुरू होगा। अंडर ग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से करोंद की तरफ आ रही मेट्रो लाइन जुड़ेगी। आरेंज लाइन के अंडरग्राउंड कॉरिडोर को बनाने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने टीबीएम मशीन को बेंगलुरू से खरीदा है। एक मशीन की गोलाई 5.8 मीटर है। एक मशीन एक दिन में औसत 15 मीटर तक खोदाई करेगी।

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