हमारे देश की सेवा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 100 वर्षों से जो योगदान दिया है, वह अद्वितीय और प्रेरणादायक है।
1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने RSS की नींव एक उद्देश्य के साथ रखी — भारतीय समाज में अनुशासन, सेवा और राष्ट्र भावना को बढ़ावा देना।
हेडगेवार जी के बाद माधव सदाशिव राव गोलवलकर गुरु जी ने इस संगठन को आगे बढ़ाया और संदेश दिया ‘इदं राष्ट्राय, इदं न मम’।
यही भावना संघ के प्रत्येक स्वयंसेवक में आज भी जीवंत है।
इन 100 वर्षों की यात्रा में संघ ने लाखों स्वयंसेवकों को ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से जोड़कर समाज और राष्ट्र की सेवा का मार्ग दिखाया है।
चाहे प्राकृतिक आपदा हो, राष्ट्रीय संकट या अन्य कोई जरूरत, संघ के स्वयंसेवक हमेशा सबसे पहले सहायता के लिए खड़े रहते हैं।
*देखिए, 100 वर्षों में संघ के अतुलनीय सफर की एक झलक…*
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