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इंदौर की 37 वर्षीय महिला ने डिप्टी रेंजर शंकर सिंह चौहान पर छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया।

तीन साल की देरी और सीएम हेल्पलाइन की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। चौहान पर पहले भी दुष्कर्म का आरोप लग चुका है।

3 साल बाद डिप्टी रेंजर पर FIR… घर में घुसकर महिला से की थी गंदी हरकत, पति को दी मारने की धमकी डिप्टी रेंजर शंकर सिंह चौहान पर पहले भी दर्ज हुआ था दुष्कर्म का मामला।

प्रतिनिधि, खंडवा। डिप्टी रेंजर शंकर सिंह चौहान के खिलाफ महिला ने छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया है। पीड़िता को अपराध दर्ज कराने के लिए तीन साल इंतजार करना पड़ा। डिप्टी रेंजर के रसूख के कारण कहीं सुनवाई न होने पर उसे सीएम हेल्पलाइन का सहारा लेना पड़ा।

मामला डीआइजी तक पहुंचने पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। चौहान पर करीब एक वर्ष पूर्व एक अन्य महिला ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। गिरफ्तारी और जेल जाने के बाद जमानत पर आरोपी अब भी नौकरी कर रहा है। डिप्टी रेंजर फिलहाल बुरहानपुर जिले में पदस्थ इंदौर निवासी 37 वर्षीय महिला ने थाना कोतवाली में डिप्टी रेंजर चौहान पर 1 अगस्त 2022 से 31अगस्त 2022 के बीच घर में घुसकर छेड़छाड़ की शिकायत की थी। मामला दर्ज न करने पर महिला और पति ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की थी।महिला का आरोप है कि चौहान ने खंडवा में तैनाती के दौरान उसके पति को विभाग में वाहन चालक का काम दिलवाया था। खंडवा के शासकीय आवास में डिप्टी रेंजर ने उसके साथ छेड़छाड़ कर जान से मारने की धमकी दी थी। दुष्कर्म का लग चुका है आरोप! आरोपी पर महिलाओं से छेड़छाड़ और दुष्कर्म के पूर्व में भी आरोप लगे हैं। पूर्व में कोतवाली थाने में दर्ज दुष्कर्म के मामले में जमानत पर बाहर आने और पीड़िता से राजीनामा होने से आरोपी के हौसले बुलंद हैं। सर्विस रिवाल्वर से दी थी धमकी पीड़िता के पति के मुताबिक मैं एसडीओ के यहां वाहन चालक था। एसडीओ की पत्नी बुरहानपुर में एसडीएम थीं। इस कारण मेरा एसडीओ के साथ बुरहानपुर आना-जाना लगा रहता था। उन्होंने मुझे सरकारी क्वार्टर दिला दिया था। मैं वहां परिवार के साथ रहने लगा।

उन्होंने आगे बताया कि मैं बुरहानपुर से लौटा तो पत्नी ने बताया कि डिप्टी रेंजर ने उसके साथ छेड़छाड़ की। मैंने इसकी शिकायत एसडीओ से की तो उन्होंने शंकर चौहान को फटकार भी लगाई थी। इसके चलते शंकर सिंह चौहान ने मुझे सर्विस रिवाल्वर से धमकाया भी था। इस मामले में थाने में शिकायत की तो पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।

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भोपाल। भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के ऊपर ही नहीं, बल्कि जमीन के नीचे इतिहास रचने जा रही है। ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए देश की सबसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) भोपाल पहुंच चुकी हैं । मध्य प्रदेश में पहली बार 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड मेट्रो टनल बनाई जाएगी, जो पुल पातारा से लेकर बड़ा बाग सिंधी कालोनी तक फैलेगी। इस ट्विन टनल के जरिए मेट्रो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। करीब 65 फीट गहराई में बनने वाली यह टनल शहर के ट्रैफिक और विरासत को बिना प्रभावित किए आधुनिक परिवहन की नई राह खोलेगी । मार्च 2026 से टीबीएम मशीनों से खोदाई का काम शुरू होगा। अंडर ग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से करोंद की तरफ आ रही मेट्रो लाइन जुड़ेगी। आरेंज लाइन के अंडरग्राउंड कॉरिडोर को बनाने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने टीबीएम मशीन को बेंगलुरू से खरीदा है। एक मशीन की गोलाई 5.8 मीटर है। एक मशीन एक दिन में औसत 15 मीटर तक खोदाई करेगी।

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